मंत्रालय: 
अल्पसंख्यक मामले
  • प्रस्तावित
    राज्यसभा
    फ़रवरी 18, 2014
    Gray
  • रेफर
    स्टैंडिंग कमिटी
    सितंबर 16, 2014
    Gray
  • रिपोर्ट
    स्टैंडिंग कमिटी
    अगस्त 12, 2015
    Gray
  • अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री के. रहमान खान ने 18 फरवरी, 2014 को राज्यसभा में वक्फ संपत्तियां (अनाधिकृत कब्जा करने वालों की बेदखली) बिल, 2014 प्रस्तुत किया था। इसे 5 मार्च, 2014 को कार्मिक, लोक शिकायत और विधि एवं न्याय पर बनी स्टैंडिंग कमिटी के पास विचार के लिए भेजा गया।
     
  • उद्देश्य और कारण के वक्तव्य के अनुसार, वक्फ एक्ट, 1995 अतिक्रमण हटाने का प्रावधान करता है लेकिन वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जा हटाने के संबंध में कार्रवाई के लिए पर्याप्त प्रावधान नहीं करता। बिल वक्फ संपत्तियों पर अनाधिकृत कब्जा करने वालों की बेदखली का प्रावधान करता है। यह अनाधिकृत कब्जा करने वालों की बेदखली का त्वरित तंत्र प्रदान करता है।
     
  • कार्यान्वयनः बिल दरगाह ख्वाजा साहेब एक्ट, 1955 के तहत प्रशासित सभी अकाफ और वक्फ संपत्तियों के अधीन वक्फ संपत्तियों पर लागू होगा। यह एक्ट अजमेर में दरगाह शरीफ को प्रबंधित करने के लिए एक दरगाह कमिटी बनाने का प्रावधान करता है। अकाफ संपत्ति ऐसे एसेट्स होते हैं जिन्हें धर्मार्थ कार्य हेतु अनिश्चित काल के लिए विश्वास भाव से दान किया जाता है या खरीदा जाता है। फिर भी, बिल 1958 के प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष एक्ट के तहत आने वाली संपत्तियों पर लागू नहीं होगा।
     
  • अस्थायी कब्जे से बेदखलीः वक्फ संपदा अधिकारी (एस्टेट ऑफिसर) उस प्रत्येक व्यक्ति की जांच करेगा जिसे किसी वक्फ संपत्ति पर अस्थायी रिहाइश की अनुमति दी जाती है। अगर अधिकारी को विश्वास हो जाता है कि उस व्यक्ति की रिहाइश अनाधिकृत है तो अधिकारी बेदखली का आदेश दे सकता है। उसे लिखित में बेदखली के कारणों को दर्ज भी करना होगा। अगर वह व्यक्ति आदेश के अनुपालन से इनकार करता है तो अधिकारी उसे बलपूर्वक बेदखल कर सकता है।
     
  • बेदखली के खिलाफ कारण बताओ नोटिसः अधिकारी कथित रूप से अनाधिकृत कब्जा करने वाले व्यक्ति के खिलाफ एक कारण बताओ नोटिस जारी करेगा जिससे यह स्थापित किया जा सके कि उसे बेदखल क्यों न किया जाए। नोटिस में: (i) वे आधार स्पष्ट होने चाहिए जिनके कारण बेदखली का आदेश जारी किया गया है, और (ii) उस व्यक्ति से, जो उक्त संपत्ति में हित का दावा करता है, आदेश के खिलाफ अपने कारण बताने की अपेक्षा की जाती है।
     
  • अनाधिकृत कब्जा करने वालों की बेदखलीः सबूत और व्यक्तिगत सुनवाई पर विचार करने के बाद अधिकारी बेदखली का आदेश दे सकता है, साथ ही उसे संपत्ति को खाली करने की तारीख भी निर्दिष्ट करनी होगी। अगर वह व्यक्ति आदेश में निर्दिष्ट तारीख या उस आदेश के प्रकाशित होने के 15 दिन के भीतर (जो भी बाद की तारीख हो) संपत्ति को खाली नहीं करता तो अधिकारी उसे बलपूर्वक बेदखल कर सकता है।
     
  • अनाधिकृत निर्माण को हटानाः अचल संरचना के परिनिर्माण, वक्फ संपत्ति में वस्तुओं का प्रदर्शन या पशुओं को उसमें या उसके सामने रखने पर पाबंदी है। यह इस संबंध में अनुमति प्राप्त करने का विषय है। अधिकारी ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करेगा, जिसके बाद अनाधिकृत फिक्स्चर को हटाने का आदेश जारी किया जाएगा। फिर, अधिकारी को उस निर्माण को नष्ट करने और उसे सील करने का अधिकार होगा।
     
  • बेदखल किए गए व्यक्ति की संपत्ति का निस्तारणः अधिकारी 14 दिन का नोटिस देने के बाद, बेदखल किए गए व्यक्ति के सामान, जोकि वक्फ संपत्ति में रखा हुआ है, को निस्तारित कर सकता है।
     
  • दंडः अवैध कब्जे के लिए छह माह तक की कैद या 5000 रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं।
     
  • अपीलः अधिकारी के किसी भी आदेश के खिलाफ उस स्थान, जहां ऐसी संपत्ति स्थित है, के क्षेत्राधिकार में आने वाले ट्रिब्यूनल (वक्फ एक्ट के तहत स्थापित) में चुनौती दी जा सकती है।

 

यह सारांश मूल रूप से अंग्रेजी में तैयार किया गया था। हिंदी रूपांतरण में किसी भी प्रकार की अस्पष्टता की स्थिति में अंग्रेजी के मूल सारांश से इसकी पुष्टि की जा सकती है।