मंत्रालय: 
आवास और शहरी मामलों
  • प्रस्तावित
    लोकसभा
    दिसंबर 22, 2017
    Gray
  • पारित
    लोकसभा
    दिसंबर 27, 2017
    Gray
  • पारित
    राज्यसभा
    दिसंबर 28, 2017
    Gray
  • आवासन और शहरी मामलों के राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 22 दिसंबर, 2017 को लोकसभा में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली कानून (विशेष प्रावधान) दूसरा (संशोधन) बिल, 2017 पेश किया। बिल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली कानून (विशेष प्रावधान) दूसरा एक्ट, 2011 में संशोधन करने का प्रयास करता है।
     
  • 2011 का एक्ट निम्नलिखित प्रावधान करता है: (i) दिल्ली आश्रय सुधार बोर्ड एक्ट 2010 और दिल्ली मास्टर प्लान, 2021 के प्रावधानों के अनुरूप स्लम वासियों और झुग्गी झोपड़ी क्लस्टर्स को रीलोकेट करना, (ii) दिल्ली मास्टर प्लान, 2021 में फुटपाथी दुकानदारों के लिए उल्लिखित नीति के अनुरूप फुटपाथी दुकानदारों को रेगुलेट करना, (iii) अनाधिकृत कालोनियों, ग्रामीण आबादी क्षेत्रों (और उनके एक्सटेंशन) को नियमित करना, (iv) ऐसे फार्म हाउसेज के लिए नीति बनाना, जो स्वीकृत सीमा से अधिक बनाए गए हैं, और (v) दिल्ली मास्टर प्लान, 2021 को ध्यान में रखते हुए दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सभी अन्य क्षेत्रों के लिए नीति या योजना बनाना।
     
  • एक्ट 31 दिसंबर, 2017 तक इस लक्ष्य को हासिल करने की मांग करता है। बिल इस समय सीमा को 31 दिसंबर, 2020 तक बढ़ाने का प्रयास करता है।
     
  • बिल फुटपाथी दुकानदारों के रेगुलेशन और संरक्षण संबंधी प्रावधानों और संदर्भों को हटाता है। उल्लेखनीय है कि 2011 के एक्ट के पारित होने के बाद केंद्र सरकार ने फरवरी 2014 में फुटपाथी दुकानदार (जीविका का संरक्षण और फुटपाथों पर दुकानदारी का रेगुलेशन) एक्ट, 2014 को पारित किया था।
     
  • एक्ट कहता है कि 31 दिसंबर, 2017 तक स्थानीय प्रशासन द्वारा निम्नलिखित संबंधों में कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी : (i) 1 जनवरी, 2006 तक अतिक्रमण या अनाधिकृत निर्माण के संबंध में, (ii) अनाधिकृत कालोनियां, ग्रामीण आबादी क्षेत्र जो 31 मार्च, 2002 तक मौजूद थे और और जहां 8 फरवरी, 2007 तक निर्माण कार्य किया गया था, और (iii) अन्य इलाकों में 8 फरवरी, 2007। बिल इस समय सीमा को 31 दिसंबर, 2020 तक बढ़ाता है।

 

 

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