मंत्रालय: 
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
  • प्रस्तावित
    राज्यसभा
    सितंबर 15, 2020
    Gray
  • प्रस्तावित
    राज्यसभा
    मार्च 16, 2021
    Gray
  • स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने 15 सितंबर, 2020 को राष्ट्रीय एलाइड और हेल्थकेयर प्रोफेशंस आयोग बिल, 2020 को राज्यसभा में पेश किया गया। बिल एलाइड और हेल्थकेयर प्रोफेशल्स की शिक्षा और प्रैक्टिस को रेगुलेट और मानकीकृत करने का प्रयास करता है। बिल की मुख्य विशेषताओं में निम्नलिखित शामिल हैं:
     
  • एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल: बिल के अनुसार, ‘एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल’ उस एसोसिएट, टेक्नीशियन या टेक्नोलॉजिस्ट को कहा जाएगा जोकि किसी बीमारी, रोग, चोट या क्षति के निदान और उपचार में सहयोग देने के लिए प्रशिक्षित हो। एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल को बिल के अंतर्गत डिप्लोमा या डिग्री हासिल होनी चाहिए। डिप्लोमा या डिग्री की अवधि कम से कम 2,000 घंटे होनी चाहिए (दो से चार वर्षों के दौरान)।
     
  • हेल्थकेयर प्रोफेशनल: ‘हेल्थकेयर प्रोफेशनल उस साइंटिस्ट, थेरेपिस्ट या किसी अन्य प्रोफेशनल को कहा जाएगा जिसने निवारक, उपचारात्मक, पुनर्सुधार, थेराप्यूटिक या प्रमोशनल हेल्थ सर्विस का अध्ययन और शोध किया हो, इनकी सलाह देता हो या ऐसी सेवाएं प्रदान करता हो। ऐसे प्रोफेशनल को बिल के अंतर्गत डिग्री हासिल होनी चाहिए। इस डिग्री की अवधि कम से कम 3,600 घंटे होनी चाहिए (तीन से छह वर्षों के दौरान)।
     
  • एलाइड और हेल्थकेयर प्रोफेशंस: बिल एलाइड और हेल्थकेयर प्रोफेशंस की कुछ श्रेणियों को मान्यता प्राप्त श्रेणियां निर्दिष्ट करता है। ये बिल की अनुसूची में शामिल हैं और इनमें लाइफ साइंस प्रोफेशनल्स, ट्रॉमा और बर्न केयर प्रोफेशनल्स, सर्जिकल और एनेस्थीसिया से जुड़े टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स, फिजियोथेरेपिस्ट्स और न्यूट्रीशन साइंस प्रोफेशनल्स शामिल हैं। केंद्र सरकार राष्ट्रीय एलाइड और हेल्थकेयर प्रोफेशंस आयोग की सलाह से इस अनुसूची में संशोधन कर सकती है।
     
  • राष्ट्रीय एलाइड और हेल्थकेयर प्रोफेशंस आयोग: बिल राष्ट्रीय एलाइड और हेल्थकेयर प्रोफेशंस आयोग की स्थापना करता है। इसमें निम्नलिखित सदस्य शामिल होंगे: (i) चेयरपर्सन, (ii) वाइस चेयरपर्सन, (iii) केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों/मंत्रालयों का प्रतिनिधित्व करने वाले पांच सदस्य (ज्वाइंट सेक्रेटरी स्तर के), (iv) स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय का एक प्रतिनिधि, (v) एम्स, दिल्ली और एआईआईपीएमआर, मुंबई सहित मेडिकल संस्थानों के तीन डेप्यूटी डायरेक्टर्स या मेडिकल सुप्रिंटेडेंट्स, जिन्हें रोटेशन पर नियुक्त किया जाएगा, और (vi) राज्य परिषदों का प्रतिनिधित्व करने वाले 12 पार्ट टाइम सदस्य।
     
  • आयोग के कार्य: आयोग एलाइड और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के संबंध में निम्नलिखित कार्य करेगा: (i) शिक्षा और प्रैक्टिस को रेगुलेट करने वाली नीतियां बनाना, (ii) सभी रजिस्टर्ड प्रोफेशनल्स का ऑनलाइन सेंट्रल रजिस्टर बनाना और उसे मेनटेन करना, (iii) विभिन्न श्रेणियों के लिए शिक्षा एवं पाठ्यक्रम, स्टाफ की क्वालिफिकेशन, परीक्षाओं, प्रशिक्षण के न्यूनतम मानदंड बनाना, अधिकतम फीस निर्धारित करना, और (iv) एक समान एंट्रेंस और एग्जिट परीक्षा का प्रावधान करना।
     
  • प्रोफेशनल परिषदें: आयोग एलाइड और हेल्थकेयर प्रोफेशन की हर रजिस्टर्ड श्रेणी के लिए प्रोफेशनल परिषद बनाएगा। प्रोफेशनल परिषद में एक प्रेज़िडेंट और चार से 24 सदस्य होंगे जोकि मान्यता प्राप्त श्रेणी के हर प्रोफेशन का प्रतिनिधित्व करेंगे। आयोग अपने किसी भी कार्य को इस परिषद को सौंप सकता है।
     
  • राज्य परिषदें: राज्य सरकार को बिल के पारित होने के छह महीने के भीतर राज्य एलाइड और हेल्थकेयर परिषदों का गठन करना होगा। राज्य परिषदों में निम्नलिखित सदस्य होंगे: (i) चेयरपर्सन (जिसे एलाइड और हेल्थकेयर साइंस में कम से कम 25 वर्ष का अनुभव हो), (ii) राज्य सरकार में मेडिकल साइंस का प्रतिनिधित्व करने वाला एक व्यक्ति, (iii) राज्य के मेडिकल कॉलेजों के दो सदस्य, (iv) धर्मार्थ संस्थानों का प्रतिनिधित्व करने वाले दो सदस्य, और (iv) एलाइड और हेल्थकेयर प्रोफेशंस की मान्यता प्राप्त प्रत्येक श्रेणी से दो सदस्य, जिन्हें राज्य सरकार द्वारा नामित किया जाएगा। राज्य परिषदों के कार्यों में निम्नलिखित शामिल हैं: (i) एलाइड हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के लिए पेशेवर आचार संहिता को लागू करना, (ii) संबंधित राज्य रजिस्टरों को मेनटेन करना, (iii) एलाइड और हेल्थकेयर संस्थानों का पंजीकरण और निरीक्षण, और (iv) एक समान एंट्रेंस और एग्जिट परीक्षा सुनिश्चित करना।
     
  • नए संस्थानों की स्थापना: निम्नलिखित की स्थापना के लिए राज्य परिषद की पूर्व अनुमति की जरूरत होगी: (i) नए संस्थान की स्थापना, या (ii) मौजूदा संस्थान में नया पाठ्यक्रम शुरू करना, अपनी दाखिला क्षमता बढ़ाना या विद्यार्थियों के नए बैच की भर्ती करना। अगर कोई व्यक्ति अनुमति नहीं लेता तो उस संस्थान द्वारा विद्यार्थियों को दी गई क्वालिफिकेशन बिल के अंतर्गत मान्यता प्राप्त नहीं होगी।
     
  • अपराध और सजा: राज्य रजिस्टर या राष्ट्रीय रजिस्टर में नामांकित क्वालिफाइड एलाइड और हेल्थकेयर प्रैक्टीशनर के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति को प्रैक्टिस करने की अनुमति नहीं है। इस प्रावधान का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को 50,000 रुपए के जुर्माने की सजा भुगतनी पड़ेगी।

 

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