मंत्रालय: 
गृह मामले
  • जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) बिल, 2021 को 4 फरवरी, 2021 को राज्यसभा में पेश किया गया। यह बिल जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन एक्ट, 2019 में संशोधन करता है। एक्ट जम्मू और कश्मीर राज्य को जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश में पुनर्गठित करने का प्रावधान करता है। बिल जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) अध्यादेश, 2021 का स्थान लेता है। बिल की मुख्य विशेषताओं में निम्नलिखित शामिल हैं:
     
  • निर्वाचित विधायिका संबंधी प्रावधानों को लागू करना: एक्ट में प्रावधान है कि संविधान का अनुच्छेद 239 ए, जोकि पुद्दूचेरी केंद्र शासित प्रदेश पर लागू है, जम्मू एवं कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश पर भी लागू होगा। अनुच्छेद 239 ए में पुद्दूचेरी केंद्र शासित प्रदेश की स्थापना का प्रावधान है, जिसमें : (i) एक विधायिका होगी, जोकि चयनित, या आंशिक रूप से नामित और आंशिक रूप से निर्वाचित हो सकती है, या (ii) एक मंत्रिपरिषद होगी।
  • बिल में कहा गया है कि अनुच्छेद 239 ए के अतिरिक्त संविधान के ऐसे कोई भी प्रावधान, जिनमें राज्य विधानसभा के चयनित सदस्यों का संदर्भ हो और जो पुद्दूचेरी केंद्र शासित प्रदेश पर लागू होते हैं, भी जम्मू कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश पर लागू होंगे।
     
  • प्रशासनिक कैडर्स का विलय: एक्ट निर्दिष्ट करता है कि जम्मू और कश्मीर में भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय वन सेवा के सदस्य केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित नियोजन के आधार पर दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में कार्य करना जारी रखेंगे। इसके अतिरिक्त भविष्य में दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में अधिकारियों की तैनातियां अरुणाचल गोवा मिजोरम केंद्र शासित (एजीएमयूटी) कैडर से की जाएगी। एजीएमयूटी कैडर में अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और गोवा के तीन राज्य, तथा सभी केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं।
     
  • बिल इन क्लॉजेज़ में संशोधन करता है और जम्मू और कश्मीर के मौजूदा कैडर के अधिकारियों का विलय एजीएमयूटी कैडर में करता है।

 

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