मंत्रालय: 
विधि एवं न्याय
  • प्रस्तावित
    राज्यसभा
    अगस्त 05, 2019
    Gray
  • पारित
    राज्यसभा
    अगस्त 05, 2019
    Gray
  • वापस लिए गए
    राज्यसभा
    अगस्त 07, 2019
    Gray
  • गृह मामलों के मंत्री अमित शाह ने 5 अगस्त, 2019 को राज्यसभा में जम्मू और कश्मीर आरक्षण (दूसरा संशोधन) बिल, 2019 पेश किया। बिल जम्मू और कश्मीर आरक्षण एक्ट, 2004 में संशोधन करता है। एक्ट में कुछ विशेष आरक्षित श्रेणियों के लिए राज्य सरकार के पदों पर नियुक्तियों तथा प्रोफेशनल संस्थानों में दाखिलों में आरक्षण का प्रावधान है। प्रोफेशनल संस्थानों में सरकारी मेडिकल कॉलेज, डेंटल कॉलेज और पॉलीटेक्नीक्स शामिल हैं।
     
  • एक्ट में अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों तथा सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़ी जातियों के लिए राज्य सरकार के पदों में (सीधी भर्ती द्वारा) नियुक्तियों में आरक्षण का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त यह कुछ विशेष आरक्षित श्रेणियों के लिए प्रोफेशनल संस्थानों में दाखिले में आरक्षण का प्रावधान करता है। बिल आर्थिक रूप से कमजोर तबकों के लिए अतिरिक्त रूप से प्रोफेशनल संस्थानों में नियुक्ति और दाखिले में आरक्षण का प्रावधान करता है। सरकार द्वारा परिवार की आय और आर्थिक सुविधाहीनता के अन्य संकेतकों के आधार पर कमजोर आर्थिक तबकों को अधिसूचित किया जाएगा।
     
  • कमजोर आर्थिक तबकों के लिए प्रोफेशनल संस्थानों में नियुक्ति और दाखिले में 10% आरक्षण एक्ट के अंतर्गत मौजूदा आरक्षण के अतिरिक्त होगा।           

 

 

अस्वीकरणः प्रस्तुत रिपोर्ट आपके समक्ष सूचना प्रदान करने के लिए प्रस्तुत की गई है। पीआरएस लेजिसलेटिव रिसर्च (पीआरएस) के नाम उल्लेख के साथ इस रिपोर्ट का पूर्ण रूपेण या आंशिक रूप से गैर व्यावसायिक उद्देश्य के लिए पुनःप्रयोग या पुनर्वितरण किया जा सकता है। रिपोर्ट में प्रस्तुत विचार के लिए अंततः लेखक या लेखिका उत्तरदायी हैं। यद्यपि पीआरएस विश्वसनीय और व्यापक सूचना का प्रयोग करने का हर संभव प्रयास करता है किंतु पीआरएस दावा नहीं करता कि प्रस्तुत रिपोर्ट की सामग्री सही या पूर्ण है। पीआरएस एक स्वतंत्र, अलाभकारी समूह है। रिपोर्ट को इसे प्राप्त करने वाले व्यक्तियों के उद्देश्यों अथवा विचारों से निरपेक्ष होकर तैयार किया गया है। यह सारांश मूल रूप से अंग्रेजी में तैयार किया गया था। हिंदी रूपांतरण में किसी भी प्रकार की अस्पष्टता की स्थिति में अंग्रेजी के मूल सारांश से इसकी पुष्टि की जा सकती है।