मंत्रालय: 
वित्त
  • प्रस्तावित
    लोकसभा
    अगस्त 05, 2019
    Gray
  • चिट फंड्स (संशोधन) बिल, 2019 को 5 अगस्त, 2019 को लोकसभा में पेश किया गया। बिल चिट फंड्स एक्ट, 1982 में संशोधन का प्रयास करता है। 1982 का एक्ट चिट फंड्स को रेगुलेट करता है और राज्य सरकार की पूर्व मंजूरी के बिना फंड को बनाने पर प्रतिबंध लगाता है। किसी चिट फंड के अंतर्गत लोग इस बात के लिए सहमत होते हैं कि वे समय समय पर एक निश्चित राशि फंड में जमा करेंगे। फिर एक नियत समय पर पर चिट निकालकर एक सबस्क्राइबर को चुना जाता है जिसे पुरस्कार स्वरूप फंड में से राशि की दी जाती है।
     
  • चिट फंड का नाम: एक्ट ऐसे विभिन्न नाम विनिर्दिष्ट करता है जिनका इस्तेमाल चिट फंड के लिए किया जा सकता है। इनमें चिट, चिट फंड और कुरी शामिल है। बिल इस सूची में ‘मैत्री फंड’ (फ्रेटरनिटी फंड) और आवर्ती बचत और प्रत्यय संस्था(रोटेटिंग सेविंग्स एंड क्रेडिट इंस्टीट्यूशन) को जोड़ता है।
     
  • पारिभाषित शब्दों का प्रतिस्थापन: एक्ट चिट फंड्स के संबंध में कुछ शब्दों को पारिभाषित करता है। यह इस प्रकार है: (क) चिट राशि जोकि चिट के सभी सबस्क्राइबर्स द्वारा चुकाए जाने वाले सबस्क्रिबशन्स की कुल राशि होती है, (ख) लाभांश जोकि चिट चलाने के लिए अलग रखी गई राशि के अतिरिक्त राशि में सबस्क्राइबर का हिस्सा होता है, और (ग) पुरस्कार राशि जोकि चिट राशि और चिट चलाने के लिए अलग रखी गई राशि के बीच का अंतर होता है। बिल इन पारिभाषिक शब्दों को क्रमशःसकल चिट रकम, बट्टे का अंश और शुद्ध चिट रकम से बदलता है।
     
  • वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सबस्क्राइबरों की उपस्थिति: एक्ट विनिर्दिष्ट करता है कि कम से कम दो सबस्क्राइबरों की उपस्थिति में चिट निकाली जाएगी। बिल इन सबस्क्राइबरों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित होने की अनुमति देने का प्रयास करता है।
     
  • फोरमैन का कमीशन: एक्ट के अंतर्गत चिट फंड को चलाने की जिम्मेदारी ‘फोरमैन’ की है। वह चिट की कुल राशि का अधिकतम 5% कमीशन के तौर पर पाने के लिए अधिकृत है। बिल इस कमीशन को बढ़ाकर 7% करने का प्रयास करता है। इसके अतिरिक्त बिल सबस्क्राइबर्स के क्रेडिट बैलेंस पर फोरमैन के वैध अधिकार की अनुमति देता है।
     
  • चिट्स की एग्रेगेट राशि: एक्ट के अंतर्गत चिट्स फर्म्स, संगठन या व्यक्तियों द्वारा चलाए जा सकते हैं। एक्ट चिट् फंड्स की अधिकतम राशि को विनिर्दिष्ट करता है जिन्हें जमा किया जा सकता है। ये सीमाएं हैं: (i) व्यक्तियों द्वारा चलाए जाने वाले चिट्स तथा चार से कम पार्टनर्स वाली फर्म या संगठन में प्रत्येक व्यक्ति द्वारा चलाए जाने वाले चिट्स के लिए एक लाख रुपए, और (ii) चार या उससे अधिक पार्टनर्स वाली फर्म्स के लिए छह लाख रुपए। बिल इस सीमा को क्रमशः तीन लाख रुपए और 18 लाख रुपए करता है।
     
  • एक्ट का एप्लीकेशन: वर्तमान में एक्ट निम्न पर लागू नहीं होता: (i) एक्ट लागू होने से पहले शुरू किए गए किसी चिट पर, और (ii) किसी ऐसे चिट (या एक ही फोरमैन द्वारा चलाए जाने वाले कई चिट्स) पर जिसकी राशि 100 रुपए से कम है। बिल 100 रुपए की सीमा को हटाता है और राज्य सरकार को आधार राशि तय करने की अनुमति देता है जिससे अधिक की रकम होने पर एक्ट के प्रावधान लागू होंगे।

 

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