मंत्रालय: 
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
  • प्रस्तावित
    राज्यसभा
    दिसंबर 31, 2018
    Gray
  • रेफर
    स्टैंडिंग कमिटी
    जनवरी 02, 2019
    Gray
  • स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने 31 दिसंबर, 2018 को राज्यसभा में एलाइड और हेल्थकेयर प्रोफेशंस बिल, 2018 पेश किया। बिल एलाइड और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की शिक्षा और प्रैक्टिस को रेगुलेट और मानकीकृत करता है।
     
  • एलाइड हेल्थ प्रोफेशल: बिल के अनुसार, एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल उस एसोसिएट, टेक्नीशियन या टेक्नोलॉजिस्ट को कहा जाएगा जोकि किसी बीमारी, रोग, चोट या क्षति के निदान और उपचार में सहयोग देने के लिए प्रशिक्षित हों। एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स मेडिकल, नर्सिंग या किसी अन्य हेल्थकेयर प्रोफेशनल द्वारा सुझाए स्वास्थ्य उपचार में सहयोग देने के लिए प्रशिक्षित होते हैं। इसके अतिरिक्त एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल को ऐसा डिप्लोमा या डिग्री हासिल होनी चाहिए जिसकी अवधि कम से कम 2,000 घंटे हो।
     
  • हेल्थकेयर प्रोफेशनल: बिल के अनुसार हेल्थकेयर प्रोफेशनल उस साइंटिस्ट, थेरेपिस्ट या किसी अन्य प्रोफेशनल को कहा जाएगा जिसने निवारक, उपचारात्मक, पुनर्सुधार, थेराप्यूटिक या प्रमोशनल हेल्थ सर्विस का अध्ययन और शोध किया हो, इनकी सलाह देते हों हैं या ऐसी सेवाएं प्रदान करते हों। हेल्थकेयर प्रोफेशनल को ऐसी डिग्री हासिल होनी चाहिए, जिसकी अवधि कम से कम 3,600 घंटे हो।
     
  • एलाइड और हेल्थकेयर प्रोफेशंस: बिल अनुसूची में एलाइड और हेल्थकेयर प्रोफेशंस की कुछ मान्यता प्राप्त श्रेणियों को निर्दिष्ट करता है। इनमें लाइफ साइंस प्रोफेशनल्स, सर्जिकल और एनेस्थीसिया से जुड़े टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स, ट्रॉमा और बर्न केयर प्रोफेशनल्स, फिजियोथेरेपिस्ट्स और न्यूट्रीशन साइंस प्रोफेशनल्स शामिल हैं। केंद्र सरकार एलाइड और हेल्थकेयर परिषद की सलाह से इस अनुसूची में संशोधन कर सकती है।
     
  • भारतीय एलाइड और हेल्थकेयर परिषद: बिल भारतीय एलाइड और हेल्थकेयर परिषद की स्थापना करता है। इस काउंसिल में 48 सदस्य होंगे, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं: (i) केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों/मंत्रालयों का प्रतिनिधित्व करने वाले छह सदस्य (ज्वाइंट सेक्रेटरी स्तर के), (ii) स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय का प्रतिनिधित्व करने वाला एक सदस्य, (iii) एम्स, दिल्ली और जिपमेर, पुद्दूचेरी सहित मेडिकल संस्थानों के दो डायरेक्टर्स या मेडिकल सुप्रिंटेडेंट्स, जिन्हें रोटेशन पर नियुक्त किया जाएगा, (iv) इंडियन नर्सिंग काउंसिल और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया जैसी परिषदों का प्रतिनिधित्व करने वाले तीन सदस्य जिन्हें रोटेशन पर नियुक्त किया जाएगा, और (v) राज्यों की परिषदों का प्रतिनिधित्व करने वाले 12 सदस्य।
     
  • एलाइड और हेल्थकेयर परिषद के कार्य: परिषद के कार्यों में निम्नलिखित शामिल हैं: (i) एलाइड और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की शिक्षा और प्रैक्टिस को रेगुलेट करने वाली नीतियां बनाना, (ii) सेंट्रल रजिस्टर को मेनटेन करना जिसमें सभी पंजीकृत एलाइड और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के नाम दर्ज होंगे, (iii) शिक्षा एवं पाठ्यक्रम के न्यूनतम मानदंड बनाना, अधिकतम ट्यूशन फीस निर्धारित करना और सीटों के आनुपातिक वितरण का प्रावधान करना, और (iv) एलाइड और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के लिए एक समान एंट्रेंस और एग्जिट परीक्षा का प्रावधान करना।
     
  • राज्य एलाइड और हेल्थकेयर परिषद: बिल के पारित होने के छह महीने के भीतर राज्य सरकारें राज्य स्तरीय एलाइड और हेल्थकेयर परिषदें बनाएंगी। राज्य परिषदों में 29 सदस्य होंगे जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं: (i) राज्य सरकार में मेडिकल साइंस का प्रतिनिधित्व करने वाला एक व्यक्ति, (ii) राज्य के मेडिकल कॉलेजों के दो सदस्य, (iii) धर्मार्थ संस्थानों का प्रतिनिधित्व करने वाले दो सदस्य, और (iv) एलाइड और हेल्थकेयर प्रोफेशंस की मान्यता प्राप्त श्रेणियों से 20 सदस्य, जिन्हें राज्य सरकार द्वारा नामित किया जाएगा।
     
  • राज्य परिषदों के कार्यों में निम्नलिखित शामिल हैं: (i) एलाइड हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के लिए पेशेवर आचार संहिता को लागू करना, (ii) संबंधित राज्य रजिस्टरों को मेनटेन करना, (iii) एलाइड और हेल्थकेयर संस्थानों का पंजीकरण और निरीक्षण, और (iv) एक समान एंट्रेंस और एग्जिट परीक्षा सुनिश्चित करना।
     
  • नए संस्थानों की स्थापना: बिल कहता है कि: (i) अगर कोई व्यक्ति एलाइड और हेल्थकेयर संस्थान की स्थापना करना चाहता है, या (ii) अगर एक स्थापित एलाइड और हेल्थकेयर संस्थान नया पाठ्यक्रम शुरू करना चाहता है, या अपनी दाखिला क्षमता बढ़ाना चाहता है, या विद्यार्थियों के नए बैच की भर्ती करना चाहता है तो उसे परिषद से पहले अनुमति लेनी होगी। अगर कोई व्यक्ति या एलाइड हेल्थकेयर संस्थान परिषद से अनुमति नहीं लेता तो उस संस्थान द्वारा विद्यार्थियों को दी गई क्वालिफिकेशन बिल के अंतर्गत मान्यता प्राप्त नहीं होगी।
     
  • संबंधित राज्य परिषदें उन एलाइड और हेल्थकेयर संस्थानों के मानदंडों की पुष्टि करेंगी जहां मान्यता प्राप्त श्रेणियों में शिक्षा दी जाती है। अगर इन संस्थानों में परिषद द्वारा निर्दिष्ट मानदंडों के अनुरूप शिक्षा नहीं दी जाती तो राज्य परिषद उनकी मान्यता वापस ले सकती है।
     
  • अपराध और सजा: राज्य रजिस्टर या राष्ट्रीय रजिस्टर में नामांकित क्वालिफाइड एलाइड और हेल्थकेयर प्रैक्टीशनर के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति को प्रैक्टिस करने की अनुमति नहीं है। इस प्रावधान का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को एक लाख रुपए के जुर्माने की सजा भुगतनी पड़ेगी।

 

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