मंत्रालय: 
वित्त
  • प्रस्तावित
    लोकसभा
    मार्च 27, 2017
    Gray
  • पारित
    लोकसभा
    मार्च 29, 2017
    Gray
  • पारित
    राज्यसभा
    अप्रैल 06, 2017
    Gray
  • एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर बिल, 2017 को लोकसभा में 27 मार्च, 2017 को पेश किया गया। बिल वस्तुओं एवं सेवाओं की अंतर-राज्यीय सप्लाई पर केंद्र द्वारा एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर (आईजीएसटी) वसूलने का प्रावधान करता है।
     
  • आईजीएसटी की वसूली: केंद्र निम्न स्थितियों में आईजीएसटी की वसूली करेगा (i) वस्तुओं एवं सेवाओं की अंतर-राज्यीय सप्लाई, (ii) आयात एवं निर्यात और (iii) विशेष आर्थिक जोन्स को होने वाली और वहां से होने वाली सप्लाई। सप्लाई में बिक्री, हस्तांतरण, एक्सचेंज और व्यवसाय को विस्तार देने हेतु तैयार लीज शामिल है। साथ ही, आईजीएसटी केंद्रीय और राज्य जीएसटी एक्ट्स के दायरे में न आने वाली सप्लाई पर वसूली जाएगी।
     
  • टैक्स की दरें: जीएसटी परिषद द्वारा निर्धारित दरों के आधार पर आईजीएसटी वसूली जाएगी। टैक्स की दर की अधिकतम सीमा 28% होगी।
     
  • आईजीएसटी से छूट: केंद्र अधिसूचना के जरिए आईजीएसटी के दायरे से कुछ वस्तुओं एवं सेवाओं को बाहर रख सकता है। यह जीएसटी परिषद के सुझावों पर आधारित होगा।
     
  • आईजीएसटी राजस्व का बंटवारा: केंद्र द्वारा वसूले गए आईजीएसटी राजस्व को केंद्र और उस राज्य के बीच बांटा जाएगा जहां वस्तुओं या सेवाओं की सप्लाई की जाती है। सीजीएसटी एक्ट में निर्दिष्ट टैक्स की दर पर केंद्र के साथ राजस्व को बांटा जाएगा। शेष राशि राज्य को दी जाएगी।
     
  • वस्तुओं की सप्लाई का स्थान: बिल में वस्तुओं एवं सेवाओं की सप्लाई के स्थान (राज्य) को निर्धारित करने के लिए अलग-अलग नियमों का प्रावधान है। अगर कोई वस्तु एक स्थान से दूसरे स्थान को फिजिकली मूव की जाती है, तो सप्लाई का स्थान उस वस्तु का अंतिम डेस्टिनेशन यानी गंतव्य स्थान होगा। दूसरे मामलों में सप्लाई का स्थान वह स्थान होगा, जहां किसी के द्वारा उस वस्तु को प्राप्त किया जाता है।
     
  • सेवाओं की सप्लाई का स्थान: सेवाओं की सप्लाई का स्थान, सेवाओं की प्रकृति पर निर्भर करेगा जोकि अलग-अलग हो सकते हैं। उदाहरण के लिए अचल संपत्ति की सप्लाई का स्थान (जैसे किसी बिल्डिंग की डिजाइनिंग करने वाला आर्किटेक्ट) उस संपत्ति की लोकेशन होगा। विभिन्न सेवाओं, जैसे केटरिंग, स्पोर्टिंग ईवेंट्स, वस्तुओं का परिवहन, विज्ञापन, टेलीकम्यूनिकेशंस इत्यादि की सप्लाई के लिए विशेष प्रावधान भी किए गए हैं।
     
  • इनपुट टैक्स क्रेडिट: आउटपुट पर टैक्स चुकाने के अतिरिक्त प्रत्येक टैक्सपेयर इनपुट के लिए सप्लायर द्वारा चुकाए टैक्स पर क्रेडिट ले सकता है। हालांकि यह निम्न की सप्लाई पर लागू नहीं होगा (i) मोटर वाहन, जब उन्हें व्यक्तिगत उपयोग के लिए प्रयोग किया जाए, (ii) खाद्य, स्वास्थ्य सेवाओं की सप्लाई, इत्यादि जब तक उन्हें सप्लाई के लिए आगे प्रयोग न किया जाए।
     
  • सीजीएसटी के प्रावधान का कार्यान्वयन: सीजीएसटी एक्ट के पंजीकरण, मूल्यांकन, वस्तु एवं सेवाओं की सप्लाई का समय, रिटर्न, रिफंड, मुकदमे, अपील के प्रावधान आईजीएसटी एक्ट के तहत लागू होंगे।

 

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