मंत्रालय: 
विधि एवं न्याय
  • जारी
    जनवरी 12, 2019
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  • इंडियन मेडिकल काउंसिल (संशोधन) अध्यादेश, 2019 को 12 जनवरी, 2019 को जारी किया गया। यह अध्यादेश 26 सितंबर, 2018 को जारी किए गए इंडियन मेडिकल काउंसिल (संशोधन) अध्यादेश, 2018 को रिप्लेस करता है और उसका स्थान लेता है। बिल इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट, 1956 में संशोधन करता है जोकि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की स्थापना करता है। एमसीआई मेडिकल शिक्षा और प्रैक्टिस को रेगुलेट करती है। उल्लेखनीय है कि 31 दिसंबर, 2018 को लोकसभा में इंडियन मेडिकल काउंसिल (संशोधन) बिल, 2018 (2018 के अध्यादेश को रिप्लेस करने के लिए) पारित किया गया था और वर्तमान में यह राज्यसभा में लंबित है।
     
  • एमसीआई का सुपरसेशन: 1956 का एक्ट एमसीआई के सुपरसेशन और हर तीन वर्ष की अवधि के बाद उसके पुनर्गठन का प्रावधान करता है। अध्यादेश एमसीआई के पुनर्गठन की अवधि को एक वर्ष करने के लिए इस प्रावधान में संशोधन करता है। इस अंतरिम अवधि के दौरान केंद्र सरकार बोर्ड ऑफ गवर्नर्स का गठन करेगी जोकि एमसीआई की शक्तियों का उपयोग करेगा।
     
  • एक्ट के अंतर्गत बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में अधिकतम सात सदस्य हो सकते हैं जिनमें मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र के विशिष्ट व्यक्ति भी शामिल होंगे। इनकी नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा की जाएगी। अध्यादेश इस प्रावधान में संशोधन करता है और बोर्ड के सदस्यों की संख्या सात से 12 करता है। इसके अतिरिक्त अध्यादेश के अनुसार, प्रामाणिक प्रशासनिक अनुभव वालो लोगों को भी बोर्ड में शामिल किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त अध्यादेश में यह प्रावधान किया गया है कि केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त महासचिव बोर्ड ऑफ गवर्नर्स को एसिस्ट करेगा।

 

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