बिल का सारांश

डेंटिस्ट (संशोधन) बिल, 2019

  • स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री हर्षवर्धन ने 27 जून, 2019 को लोकसभा में डेंटिस्ट (संशोधन) बिल, 2019 पेश किया। बिल डेंटिस्ट एक्ट, 1948 में संशोधन करता है। एक्ट डेंटिस्ट्री (दंत चिकित्सा) के पेशे को रेगुलेट करता है और निम्नलिखित का गठन करता है: (i) डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया, (ii) स्टेट डेंटल काउंसिल्स, और (iii) ज्वाइंट स्टेट डेंटल काउंसिल्स।
     
  • एक्ट के दो भागों- भाग ए और भाग बी के अंतर्गत डेंटिस्ट्स को पंजीकृत किया जाता है। भाग ए में मान्यता प्राप्त डेंटल क्वालिफिकेशन वाले व्यक्तियों को पंजीकृत किया जाता है और जिन लोगों के पास ऐसी क्वालिफिकेशन नहीं है, उन्हें भाग बी में पंजीकृत किया जाता है। भाग बी में पंजीकृत व्यक्ति ऐसे भारतीय नागरिक हैं जो राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित पंजीकरण तिथि से कम से कम पांच वर्ष पहले से डेंटिस्ट्स के रूप में प्रैक्टिस कर रहे हैं।
     
  • डेंटल काउंसिल्स की संरचना: एक्ट के अंतर्गत डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया, स्टेट डेंटल काउंसिल्स और ज्वाइंट स्टेट डेंटल काउंसिल्स में भाग बी में पंजीकृत डेंटिस्ट्स के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। बिल एक्ट की इस अनिवार्य शर्त को हटाता है कि भाग बी में पंजीकृत डेंटिस्ट्स को इन काउंसिल्स में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।

 

अस्वीकरणः प्रस्तुत रिपोर्ट आपके समक्ष सूचना प्रदान करने के लिए प्रस्तुत की गई है। पीआरएस लेजिसलेटिव रिसर्च (पीआरएस) के नाम उल्लेख के साथ इस रिपोर्ट का पूर्ण रूपेण या आंशिक रूप से गैर व्यावसायिक उद्देश्य के लिए पुनःप्रयोग या पुनर्वितरण किया जा सकता है। रिपोर्ट में प्रस्तुत विचार के लिए अंततः लेखक या लेखिका उत्तरदायी हैं। यद्यपि पीआरएस विश्वसनीय और व्यापक सूचना का प्रयोग करने का हर संभव प्रयास करता है किंतु पीआरएस दावा नहीं करता कि प्रस्तुत रिपोर्ट की सामग्री सही या पूर्ण है। पीआरएस एक स्वतंत्र, अलाभकारी समूह है। रिपोर्ट को इसे प्राप्त करने वाले व्यक्तियों के उद्देश्यों अथवा विचारों से निरपेक्ष होकर तैयार किया गया है। यह सारांश मूल रूप से अंग्रेजी में तैयार किया गया था। हिंदी रूपांतरण में किसी भी प्रकार की अस्पष्टता की स्थिति में अंग्रेजी के मूल सारांश से इसकी पुष्टि की जा सकती है।