बिल का सारांश

मोटर वाहन (संशोधन) बिल, 2016

  • सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 9 अगस्त, 2016 को लोकसभा में मोटर वाहन (संशोधन) बिल, 2016 पेश किया। यह बिल मोटर वाहन एक्ट, 1988 में संशोधन का प्रस्ताव रखता है। यह एक्ट मोटर वाहनों के लिए मानकों का प्रावधान करता है। साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने और इन प्रावधानों का उल्लंघन करने के लिए दंड का विधान भी करता है।
     
  • राष्ट्रीय परिवहन नीति : बिल केंद्र सरकार से अपेक्षा करता है कि वह राज्यों के विचार-विमर्श से राष्ट्रीय परिवहन नीति को विकसित करेगी। इस नीति के तहत निम्नलिखित कार्य किए जाएंगे : (i) सड़क परिवहन के लिए योजना संबंधी तंत्र तैयार करना, (ii) परमिट देने और योजनाओं के लिए तंत्र विकसित करना, और (iii) सड़क परिवहन प्रणाली के लिए प्राथमिकताओं को चिन्हित और स्पष्ट करना।
     
  • वाहनों का रीकॉल : बिल केंद्र सरकार को ऐसे मोटर वाहनों को रीकॉल (वापस लेने) करने का आदेश देने की अनुमति देता है, जिसमें कोई ऐसी खराबी है जोकि पर्यावरण, या ड्राइवर या सड़क का प्रयोग करने वालों को नुकसान पहुंचा सकती है। अगर केंद्र सरकार को वाहन में खराबी की सूचना मिलती है तो भी वाहन को रीकॉल किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में, मैन्यूफैक्चरर को (i) खरीदार को वाहन की पूरी कीमत लौटानी होगी, या (ii) खराब वाहन को दूसरे वाहन से, जोकि समान या बेहतर विशेषताओं वाला हो, बदलना होगा।
     
  • अनिवार्य बीमा : बिल में केंद्र सरकार से मोटर वाहन दुर्घटना कोष बनाने की अपेक्षा की गई है। यह कोष भारत में सड़क का प्रयोग करने वाले सभी लोगों को अनिवार्य बीमा कवर प्रदान करेगा। इस कोष में निम्नलिखित के माध्यम से धन जमा किया जाएगा : (i) चुंगी या कर, जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित किया जाए, (ii) केंद्र सरकार द्वारा दिया गया अनुदान या ऋण, अथवा (iii) केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित अन्य कोई स्रोत। इस कोष का प्रबंधन केंद्र सरकार द्वारा निर्दिष्ट अथॉरिटी करेगी।
     
  • सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों की देखभाल : केंद्र सरकारगोल्डन आवर’ (स्वर्णिम घंटा) के दौरान सड़क दुर्घटना के शिकार लोगो का कैशलेस उपचार करने की एक योजना विकसित करेगी। बिल के अनुसार ‘गोल्डन आवर’ घातक चोट के बाद की वह समयावधि होती है जब तुरंत मेडिकल देखभाल से मौत को मात देने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। बिल में हिट एंड रन मामलों में मृत्यु होने पर मुआवजे को 25,000 रुपए से बढ़ाकर दो लाख रुपए या उससे अधिक, जैसा केंद्र सरकार प्रस्तावित करेगी, तक करने का भी प्रावधान है।
     
  • नेक व्यक्तियों (गुड समैरिटन) का संरक्षण : बिल कहता है कि नेक व्यक्ति (गुड समैरिटन) वह व्यक्ति है, जो दुर्घटना के समय पीड़ित को आपातकालीन मेडिकल या नॉन मेडिकल मदद देता है। यह मदद (i) सदभावना पूर्वक, (ii) स्वैच्छिक, और (iii) किसी पुरस्कार की अपेक्षा के बिना होनी चाहिए। ऐसा व्यक्ति दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को किसी प्रकार की चोट लगने या उसकी मृत्यु होने की स्थिति में किसी दीवानी या आपराधिक कार्रवाई के लिए दायी नहीं होगा। केंद्र सरकार नियमों द्वारा उससे पूछताछ करने या व्यक्तिगत सूचना का खुलासा करने से संबंधित प्रक्रियाओं का प्रावधान कर सकती है।
     
  • एग्रीगेटर की सेवाएं : बिल एग्रीगेटर को डिजिटल इंटरमीडियरी या मार्केट प्लेस के रूप में पारिभाषित करता है। परिवहन के उद्देश्य से ड्राइवर से कनेक्ट होने के लिए यात्री एग्रीगेटर की सेवाओं का इस्तेमाल कर सकता है। बिल अपेक्षा करता है कि इन एग्रीगेटरों को लाइसेंस लेना होगा। उन्हें इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000 का भी अनुपालन करना होगा।
     
  • इलेक्ट्रॉनिक सेवाएं : बिल कुछ सेवाओं के कंप्यूटरीकरण का प्रावधान करता है। इनमें निम्नलिखित शामिल हैं : (i) लाइसेंस या परमिट जारी करना या देना, (ii) फॉर्म या आवेदन भरना (जैसे लाइसेंस और पंजीकरण), (iii) धन की प्राप्ति (जैसे जुर्माना), और (iv) पता बदलना। राज्य सरकार को राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य राजमार्गों और शहरी सड़कों पर सड़क सुरक्षा के लिए इलेक्ट्रॉनिक निरीक्षण और प्रवर्तन को सुनिश्चित करना होगा। केंद्र सरकार ऐसे निरीक्षण के लिए नियम बनाएगी।
     
  • अपराध और दंड : बिल में एक्ट के तहत विभिन्न अपराधों के लिए दंड को बढ़ाया गया है। उदाहरण के लिए शराब या ड्रग्स के नशे में वाहन चलाने के लिए अधिकतम दंड 2,000 रुपए से बढ़ाकर 10,000 रुपए कर दिया गया है। अगर मोटर वाहन मैन्यूफैक्चरर मोटर वाहनों के निर्माण या रखरखाव के मानदंडों का अनुपालन करने में असफल रहता है तो अधिकतम 100 करोड़ रुपए तक का दंड या एक वर्ष तक का कारावास या दोनों दिए जा सकते हैं।
     
  • बिल किशोरों द्वारा किए जाने वाले अपराधों को भी मान्यता देता है। ऐसे मामलों में किशोरों के अभिभावक या मोटर वाहन के मालिक तब तक उत्तरदायी माने जाएंगे जब तक कि वे यह साबित न कर दें कि : (i) अपराध उनकी जानकारी के बिना किया गया था, या (ii) उन्होंने अपराध को होने से रोकने के लिए सम्यक तत्परता (ड्यू डेलिजेंस) बरती थी।
     
  • परिवहन योजनाएं : बिल राज्य सरकारों से अपेक्षा करता है कि वे विशिष्ट उद्देश्यों को पूरा करने वाली परिवहन योजनाएं बनाएंगी। इनमें निम्नलिखित शामिल है : (i) अंतिम स्थान से कनेक्टिविटी, (ii) ट्रैफिक की भीड़-भाड़ को कम करना, और (iii) सड़क का प्रयोग करने वालों की सुरक्षा। राज्य सरकार सार्वजनिक स्थलों पर गतिविधियों और गैर मोटराइज्ड परिवहन (साइकिल, साइकिल रिक्शा) को रेगुलेट करने के लिए भी नियम बना सकती है।
     
  • विविध प्रावधान : बिल ड्राइविंग लाइसेंस को जारी करने, उनकी वैधता और उन्हें रीन्यू करने से संबंधित प्रावधानों में भी संशोधन करता है।

 

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